डिस्कवरी मॉडल
इंडी गेम्स की डिस्कवरी ऑडियंस की शर्त से शुरू नहीं होनी चाहिए।
फ़ीड को लेकर RetiPie की सोच नए गेम्स को परखे जाने का मौका देती है, अलग-अलग क्रिएटर्स को नज़र में बनाए रखती है और खिलाड़ियों के व्यवहार से सीखती है कि किसे ज़्यादा पहुँच मिलनी चाहिए।
डिस्ट्रिब्यूशन के विकल्प परख रहे इंडी क्रिएटर्स
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फ़ीड जान-बूझकर नए और अभी तक न परखे गए गेम्स के लिए जगह रखती है, ताकि कोई नया क्रिएटर सिर्फ़ इसलिए छिपा न रह जाए कि वह बिना फ़ॉलोअर्स के आया है।
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गुणवत्ता, लौटकर आने की दर, खेलने का समय, स्किप करने का पैटर्न, नयापन और विविधता के सिग्नल इस बात से ज़्यादा मायने रखते हैं कि क्रिएटर कितना बड़ा है।
03
हर नई रिलीज़ को असली खिलाड़ियों के सामने परखा जाता है। उसे किसी रैंकिंग लिस्ट में सबसे नीचे से शुरुआत नहीं करनी पड़ती, जहाँ से वह कभी ऊपर न चढ़ पाए।
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ये सिग्नल खिलाड़ियों के असली व्यवहार से आते हैं: लौटकर आना, ज़्यादा देर खेलना, आगे स्वाइप कर देना। कोई पैसे देकर ऊपर नहीं पहुँच सकता, और कोई छोटा होने की वजह से दबकर नहीं रह जाता।
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प्रदर्शन जितनी ही अहमियत विविधता की भी है: फ़ीड अलग-अलग तरह के गेम्स, क्रिएटर्स और नई रिलीज़ को मिलाकर दिखाती है, ताकि वह कभी उन्हीं दस गेम्स में सिमटकर न रह जाए।
06
मकसद गेम्स को बेतरतीब ढंग से बारी-बारी दिखाना नहीं है, बल्कि पहले उन्हें निष्पक्ष रूप से परखना और फिर अच्छा प्रदर्शन करने वाले गेम्स को ठोस आँकड़ों के आधार पर आगे बढ़ाना है।
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